CM Kejriwal : दिल्ली के अस्पतालों में केवल दिल्ली के लोगों का होगा इलाज !

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CM केजरीवाल ने आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोरोना के इलाज से जुड़ी अहम बातों पर चर्चा की | मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली के अस्पतालों में केवल वहीं के लोगों का इलाज होगा | उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया | कि यह इलाज दिल्ली में लगातार बढ़ रहे कोरोना  मरीजों के ठीक तरह से उपचार और सभी तरह की चिकित्सा सुविधा मिल सकें | यह रोक उन्होंने अनिश्चित काल के लिए लगाई है | जब तक दिल्ली में कोरोना संकट कम नहीं हो जाता | CM केजरीवाल ने कल से दिल्ली के बोर्डेर खोलने के की इजाजत दे दी है |

CM Kejriwal: Only Delhi people will be treated in Delhi hospitals!

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह भी बताया कि दिल्ली में इस वक्त 9000 बेड उपलब्ध है | अगर यह रोक नहीं लगाई जाती है तो मात्र 2 दिन में ही सारे बेड भर जाएंगे | और जिस तरह से दिल्ली में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है उन्हें देखते हुए जून के अंत तक 15000 बेड का इंतजाम कर लेंगे | लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि अन्य किसी बीमारी के चलते हैं जैसे कैंसर या अन्य सर्जरी जो केवल दिल्ली में ही होती है उन सभी बाहर से आने वाले मरीजों पर किसी भी तरह की कोई पाबंदी नहीं है |

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह भी कहा कि इन्होंने यह फैसला दिल्ली की जनता से राय लेने के बाद लिया है | दिल्ली की जनता ने यह कहा है कि जब तक कोरोना के मरीज कम नहीं हो जाते, तब तक दिल्ली के अस्पताल केवल दिल्ली की जनता के उपचार के लिए उपलब्ध हो | अगर दूसरे राज्यों से आने वाले को रोना मरीजों के लिए दिल्ली के अस्पताल खोल दिए जाते हैं तो  दिल्ली की जनता और दूसरे राज्यों से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा |

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह फैसला 5 डॉक्टरों की बैठक कर लिया गया है, डॉक्टर महेश वर्मा (वाईस चांसलर IP यूनिवर्सिटी ),डॉक्टर सुनील कुमार (मेडिकल डायरेक्टर जी डी पी हॉस्पिटल), डॉक्टर अरुण गुप्ता (प्रेसिडेंट delhi मेडिकल काउंसल), डॉक्टर R K गुप्ता (X प्रेसिडेंट delhi मेडिकल एसोसिएशन), डॉक्टर संजीव बुद्धिराजा (ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर मैक्स हेल्थ केयर) | इन्हीं पांच डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जिस तरीके से दिल्ली में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है उन्हें देखते हुए जून के अंत तक दिल्ली को 15000 बेड की जरूरत होगी | इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुए उन्होंने यह राय दी कि कुछ महीनों तक दिल्ली में केवल दिल्ली वालों का ही इलाज हो |

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