Kundali Bhagya 11 November 2020 Written Update: माहिरा ने प्रीता को दी चुनौती,”कल मेरा पति अपने हाथो तोड़ेगा|”

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Kundali Bhagya 11 November 2020 Written Update (Full Episode)

कुंडली भाग्य के आज के नाटक में, दादी ग्रीश पर नाराज होती है क्योंकी वह उनसे ड्राई फ्रूट कहाँ रखे हुए है ये पूछता है लेकिन दादी उससे बोलती है की किचन तू संभालता है तो तुझे पता होगा| उसी समय करीना और कृतिका वहां आ जाती है और पूछती है क्या हुआ? और आप किचन में क्या कर रही हो?

इस पर दादी बोलती है की मैं सरगी की रस्म की तैयारी कर रही हूँ क्योंकी राखी बीमार है| तभी वहां माहिरा आ जाती है और बोलती है की मैं भी करवाचौथ का ब्रत रखूंगी| इस पर कार्तिक बहुत समझाती है की तुम्हारी तबियत ख़राब है तो तुम कैसे रखोगी| लेकिन माहिरा बोलती है की, मैं करण से बहुत प्यार करती हूँ मैन्रख सकती हूँ|

दादी, माहिरा से बोलती है की रस्म के हिसाब से ये बस सुहागन ही रह सकती है| तभी करीना बोलती है तुम ब्रत रह सकती हो| करीना दादी से बोलती है की, ये सभी काम हमसे पूछकर कर रही है वरना से चुपके से भी रह सकती थी| आगे कहती है, वैसे भी ये करण की लम्भी उम्र के लिए ही कर रही है| तभी दादी मन-मन सोचती है की, अगर यहाँ राखी होती तो ये ब्रत नहीं रखने देती है वैसे भी मैंने अपनी जिम्मेदारी निभाई| तब करीना से हाँ बोल देती है| माहिरा खुश हो जाती है और दादी और करीना के गले लग जाती है|

माहिरा, करण के कमरे से बाहर से निकल रही होती है तभी करण को देखकर उसके कमरे के बाहर आकर खड़ी होकर देखने लगती है| तभी करण देख लेता है और पूछता है की तुमको कुछ चाहिए| इस पर माहिर बोलती है की मैं बस यहाँ से निकल रही थी| तभी करण, माहिरा से बोलता है की,रात बहुत हो रही है तुम सो जाओ| माहिरा, करण के बिस्तर पर आकर लेट जाती है और कहती है की, मैं जानती हूँ तुम्हारे मन में कुछ और होता है और चेहरे पर कुछ और|

करण, माहिरा से बोलता है की, मेरी शादी हो चुकी है| तभी माहिरा बोलती है की, वो धोके वाली शादी| असली पति-पत्नी हम है और इस बात का प्रूफ मैं कल देने वाली हूँ, करवाचौथ का ब्रत रखकर| माहिरा, करण से बोलती है की मैं कभी-कभी तुमसे बहुत हर्ट होती हूँ इतना की तुमने मरने वाली परिस्थति पर लाकर छोड़ा है फिर भी मैं तुमसे इतना प्यार करती हूँ की तुम्हारे लिए ब्रत रख रही हूँ| 

तभी प्रीता कमरे में आ जाती है और दोनों को पास खड़े देख लेती है और दोनों की बाते सुन रही होती है| माहिरा करण से बोलती है की, मैं तुमसे प्यार करती हूँ| तभी दोनों लोग प्रीता को देख लेते है| और माहिरा करण से बोलती है की तुम इससे डरते हो| करण बोलता है की, बिलकुल नहीं| आगे बोलता है की इसके गाल देखो जलन की वजह से टमाटर जैसे लाल हो रहे है| माहिरा भी करण का हाथ पकड़कर खड़ी हो जाती है| जिसे देखकर प्रीता वहां से चली जाती है|

करण भी प्रीता के पीछे-पीछे जाने लगता है लेकिन माहिरा हाथ पकड़ लेती है| तभी प्रीता ये सब कमरे की खिड़की पर खड़े होकर देख रही होती है| माहिरा करण का हाथ अपने गालो पर लगाकर बोलती है, देखो मुझे कितना तेज़ बुखार है| तभी करण अपना गा्ल से हटाकर माथे पर लगाता है और कहता है की तुमको कोई बुखार नहीं है| तुमे सिर्फ गलत फहमी है| इसके बाद करण वहां से चला जाता है| जिसे देखकर प्रीता बहुत खुश होती है|

तभी प्रीता कमरे में आ जाती है और माहिरा से कहती है की ये सिर्फ मेरा और करण का कमरा है| माहिरा, प्रीता से बोलती है की देखो किस तरह से तुम्हारा ये गरुरु तोडती हूँ| आगे बोलती है की इस घर के लोग मुझे बहू मानते है और करण मुझे अपनी पत्नी| माहिरा गुस्से से बोलती है की जितनी बार तुम अपने आप को करण की पत्नी बोलती हो मेरा गुस्सा बढता चला जाता है| माहिरा, प्रीता को चुनौती देती है की कल अपने पति के लिए करवाचौथ का ब्रत रखने वाली हूँ| जिसे सुनकर प्रीता हैरान हो जाती है| आगे बोलती है की, क्या हुआ की करण मुझे अपनी पत्नी नहीं मानता लेकिन कल मानेगा| आगे बोलती है की, कल मेरा पति अपने हाथो तोड़ेगा| 

तभी ग्रीश प्रीता को बोलता है की सरला जी आई है| सभी लोग एक-दूसरों को देखकर बहुत खुश होते है| लेकिन जब सरला माहिरा को देखती है तो हैरान रह जाती है| तभी दादी करीना से बोलती है की, आज सरला से मत झगड़ना, राखी की खातिर| 

तभी करण वहां आ जाता है और सृष्टि को देखकर हाय बोलता है जिस पर सृष्टि भी हाय जीजू बोलती है| तभी करीना, दादी से बोलती है की, आज तुममें राखी भाभी की आत्मा आ गयी है इतनी खुश क्यों हो| तब दादी बोलती है की अभी आये है फिर चले जायेंगे| थोड़ी देर की ही तो बात है|

दादी, सरला से बोलती है की प्रीता का पहला करवाचौथ है कोई कमी नहीं होने देंगे| सरला,दादी से कहती है की, मैं कुछ ड्राई फ्रूट और लड्डू लाई हूँ| आगे बोलती है की, मेरा कोई बेटा नहीं है तो मेरी बेटी ही मेरा बेटा है| आगे बोलती है की इन सरगी के लड्डू को अपने सरगी के लड्डू के साथ रख लेंगी तो मुझे अच्छा लगेगा| 

तभी करण, लड्डू का डिब्बा ले लेता है लेकिन करीना वो लड्डू ला डिब्बा करण के हाथ से ले लेती है और दादी बोलती है ये सिर्फ घर की बहूँ के लिए है| तभी करण बोलता है की घर की बहुए ही सब कुछ है हम नहीं| तभी सरला बोलती है की मैं करण के लिए बेसन के लड्डू लेकर आईं हूँ| करण, ऋषभ और कृतिका लडूँ को लेकर आपस में झगड़ा करते है| ऋषभ करण से बोलता है ये सबके लिए है तो तू कैसे अकेला खा रहा है| 

तभी माहिरा मन ही मन कहती है की मैं कभी सरला को लूथरा हाउस से नहीं जोड़ने दूंगी| तभी माहिरा अपनी माँ को फ़ोन करके उनको लूथरा हाउस बुलवाती है और कहती है की आप यहं आकार मुझे करवाचौथ का आश्रीवाद देने आओ|                                                                    

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