Kundali Bhagya 6 Novembar 2020 Written Update: शर्लिन की माँ ने शर्लिन को आधे घंटे तक कोई भी ना काम करने की दी चेतवानी

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Kundali Bhagya 6 Novembar 2020 Written Update

कुंडली भाग्य के पिछले नाटक में, सभी लूथरा परिवार के लोग घर पहुँच जाते है| वहीं सृष्टि और समीर को पता चल जाता है की माहिरा को कोई खतरा नहीं है| वही माहिरा राखी से घर में आने के लिए अपना गृह प्रवेश कराने को कहती है जिस पर राखी मना कर देती है| करीना इस बात के लिए तैयार हो जाती है और कृतिका और शर्लिन को गृह प्रवेश की थाल लगाने को कहती है| वहीँ प्रीता को करण से पता चलता है की माहिरा इस घर में आ चुकी है|

माहिरा की वजह से दोनों में बहस होती है| प्रीता करण को माहिरा को वापस भेजने को कहती है और कहती है वो तुम से प्यार नहीं करती है| वहीँ करण प्रीता से कहता है उसने हमारे लिए कितना कुछ किया है और तो उसकी माँ भी उसको छोड़ कर चली गयी है| वहीँ शर्लिन माहिरा के इस कदम से बहुत खुश होती है| वहीँ शर्लिन की माँ शर्लिन को फ़ोन कर बताती है की अगले आधे घंटे बहुत अशुभ है वरना बहुत भयानक हो सकता है|

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Kundali Bhagya 6 Novembar 2020 Full Episode

कुंडली भाग्य के आज के नाटक में, जब प्रीता का मंगलसूत्र का लौकिट करण की शर्ट के बटन में फस जाता है जब उस लौकिट को निकालने की कोशिश करते है तब वह लौकिट टूट जाता है और उसमें भरा सिंदूर फ़ैल जाता है| जिसे देखकर प्रीता दुखी हो जाती है और तो वहीँ करण किसी को उसे साफ़ करने के लिए भेजने को कहता है लेकिन प्रीता मना कर देती है और कहती है की रहने दो मैं खुद साफ़ कर लुंगी| करण वहां से चला जाता है|

वहीँ शर्लिन अपनी से कहती है की मेरे तरफ से पंडित से एक सवाल पूछो| तभी शर्लिन की माँ शर्लिन की बात पंडित से करा देती है| शर्लिन पंडित से पूछती है की मेरे हाथ से कुमकुम की थाल नीचे गिर गयी है यह थाल गृह प्रवेश के लिए थी| तो इसका क्या मतलब है? पंडित जी बोलते है की देवी माँ नहीं चाहती है की उस अत्रप्त आत्मा का गृह प्रवेश हो| आगे कहते है की उस आत्मा का किसी भी हालात में गृह प्रवेश नहीं होना चाहिए| वरना घर में मौजूद प्रत्येक सदस्य के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी| खासकर तुम्हारे लिए| जिसे सुनकर शर्लिन परेशान हो जाती है| और फ़ोन कट कर देती है|

फ़ोन कट करने के बाद शर्लिन सोचती है की माहिरा तो प्रीता से नफरत करती है तो मुझे क्या होगा| अगर हुआ भी थोडा बहुत ही होगा| और मैं प्रीता से इतनी नफरत करती हूँ तो ये सब हैंडल कर लुंगी|

वहीँ दादी राखी से कहती है माहिरा ने इतना सब कुछ किया तो हमें उसका गृह प्रवेश करना चाहिए| तभी राखी कहती है की यही तो परेशानी है की वो गृह प्रवेश मांग रही है और गृह प्रवेश घर की बहू का होता है| तभी कृतिका कहती है की राखी सही बोल रही है माना प्रीता ने जो किया वो गलत था लेकिन माहिरा जो करने को बोल रही है वो भी गलत है| तभी करीना कृतिका को डांट देती है| आगे करीना कहती है की हमें वो करना चाहिए जो माहिरा कहती है जिससे वो कुछ गलत ना करे|

तभी करण वहां आ जाता है और पूछता है ये सब क्या हो रहा है? शर्लिन बताती है माहिरा का गृह प्रवेश जिसे सुनकर करण गुस्सा होता है| और आगे कहता है की चोट हाथ में लगी है और असर सिर पर हो रहा है| लेकिन करीना करण को माहिरा के साथ गृह प्रवेश करने को कहती है जिस पर करण कहता है की मेरा प्रीता के साथ गृह प्रवेश हो चूका है| और वहां से चला जाता है| करीना और घर सभी लोग माहिरा का गृह प्रवेश करने के लिए चले जाते है|

कुंडली भाग्य नाटक में आगे, घर के सभी लोग माहिरा का गृह प्रवेश रस्म के साथ कर रहे होते है तभी पूजा की थाल का दिया बुझ जाता है जिसे देखकर सभी लोग डर जाते है| तभी प्रीता सोचती है की गृह प्रवेश की आरती दिया बुझ गया| इसका मतलब कायनात भी संकेत्दे रही है| लेकिन शर्लिन दिया फिर से जला देती है और माहिरा का गृह प्रवेश हो जाता है| प्रीता इसे देखकर बहुत गुस्सा होती है| माहिरा अन्दर आने के बाद दादी से कहती है की मेरा सामान बाहर है क्या कोई ला सकता है| तभी दादी ग्रीश से बोलती है लेकिन माहिरा प्रीता से कहती है सामान लाने को| और आगे कहती है की तुम लाओ| तुमने सामान बाहर फैंका था| तभी करीना प्रीता से कहती है की सुना नहीं| और प्रीता सामान घर में आती है|

वहीँ जब प्रीता माहिरा का सामान लेकर माहिरा के कमरे में आती है| और माहिरा प्रीता से कहती है की याद है तुमने मेरी मुह पर दरवाजे बंद किये थे| तभी प्रीता कहती है की तुम्हारी हालात इतनी नहीं है की मैं कुछ कहूँ| इसलिए तुम आराम करो| माहिरा कहती है जो तुमने मुझसे इतने सारे शब्द बोले थे उनको हथियार बनाकर तुम पर हमला करुँगी| और तब हमला करुँगी जब तुम बहुत खुश होंगी| ये सब याद दिलाती है की ये सब मैंने तुमने बोला था ना| तभी प्रीता माहिरा की बोली गयी बातों को याद करती है|

तभी करण वहां आ जाता है लेकिन प्रीता को नहीं पता होता है| तब प्रीता बोल रही होती है की तुम नाटक कर रही हो| माहिरा करण से कहती है की पीटा उससे ये बोल रही है तुम घर छोड़कर चली जाओ| जिस पर करण प्रीता से कहता है की सुकी तबियत ख़राब है उससे अकेला छोड़ दो| तभी माहिरा बीच में बोलने की कोशिश करती है लेकिन करण रोक देता है| और प्रीता को फिर से समझाने लगता है की मैं ये सब क्यों कर रहा हूँ मैंने तुमको समझाया था ना|

तभी माहिरा, करण और प्रीता को पास आता देख चक्कर आने का नाटक करती है जिसे देखकर करण परेशान हो जाता है और माहिरा को पकड़ लेता है| और प्रीता को वहां से जाने के लिए बोल देता है| और थोड़ी देर बाद वो भी वहां से चला जाता है| वहीँ प्रीता भी माहिरा का गृह प्रवेश सोचकर बहुत परेशान होती है| जब करण कमरे में आता है तब प्रीता जाने की कोशिश करती है लेकिन करण उसका हाथ पकड लेता है और प्रीता को बैठा कर प्रीता को बात समझाने की कोशिश करता है| प्रीता से कहता है की गलती मेरी है और माहिरा यहाँ है तो बस दोस्त की हैसियत से| प्रीता करण से कहती है की तुम बहुत अच्छे हो| आगे कहती है की तुमको लगता है तुम सही कर रहे हो लेकिन तुम गलत कर रहे हो| आगे समझाती है की वो कुछ भी कर सकती है तुम पाने के लिए|

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