Kundali bhagya 7 November 2020 Written Update: प्रीता ने दी करण को चेतवानी,”माहिरा तुम्हे पाने के लिए कुछ भी कर सकती है”

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Kundali bhagya 7 November 2020 Written Update

कुंडली भाग्य के पिछले नाटक में, राखी करीना से कहती है की मैं माहिरा का गृह प्रवेश नहीं कर सकती| क्योंकी वो इस घर की बहू नहीं है| कृतिका भी कहती है की माहिरा जो कर रही वो गलत है| करीना सबसे कहती है की फ़िलहाल में माहिरा जैसा करती है हम सबको वैसा करना चाहिए| शर्लिन को पंडित जी चेतवानी देती है अगर वो आत्मा घर में तो तुमको बहुत परेशानी उठानी पड़ेगी| शर्लिन इस बात को नजर अंदाज कर देती है| वहीँ करण माहिरा के साथ गृह प्रवेश करने के लिए साफ-साफ मना कर देता है| 

माहिरा घर में प्रवेश के बाद प्रीता को अपना सामान लाने को कहती है| और कहती है की तुमने ही बाहर फैंका था ना| वहीँ करण प्रीता को समझाता है की वो जो कुछ भ कर रहा है वो सब दोस्ती की खातिर कर रहा है| प्रीता करण से कहती है की वो तुमको पाने के लिए कुछ भी कर सकती है|         

Kundali bhagya 7 November 2020 Full Episode

कुंडली भाग्य के आज के नाटक में, प्रीता करण को समझाने की कोशिश करती है की माहिरा जो कर रही है उसकी वजह से ना हमारे घर वालो के लिए ठीक है और ना ही हमारी शादी के लिए| इस पर करण प्रीता को समझाने का कोशिश करता है और कहता है की माहिरा हमारी शादी के बीच नहीं आएगी| इस पर प्रीता जबाब देती है की आएगी| आगे बोलती है जब वह बिना किसी रिश्ते के घर में आ चुकी है तो हमारी शादी के बीच भी आएगी| करण फिर प्रीता को समझाने की कोशिश करता है और कहता है की मैं माहिरा को केवल दोस्त की हैसियत लाना चाहता हूँ लेकिन तुम्हारा दिल दुखा कर नहीं| आगे कहता है की, मैं मानता हूँ मैंने बहुत साड़ी गलतियाँ की है लेकीन मैं उनको सुधारना चाहता हूँ| आगे कहता है की, मेरी शादी हो गयी है तो मैं इसे निभाऊंगा| करण लूथरा तुम्हारा पति| जिसे सुनकर प्रीता मन ही मन खुश हो जाती है| लेकिन यह सब माहिरा चुके से देख रही होती है|

तभी माहिरा अपने कमरे में गुस्से से आती है और अपने आप से कहती है की, मैं अपनी जान से खेली| अगर इसका कुछ नहीं किया तो इसका कुछ फायदा ही नहीं| आगे कहती है की इनका रिश्ता जोड़ गया तो बहुत मुशिकिल हो जाएगी| और मैं यहाँ परेशानी फेस करने नहीं आई हूँ| आगे कहती है की अगर करण किसी से जोड़ेगा तो सिर्फ मेरा|

तभी वहां शर्लिन वहां आ जाती है और माहिरा को दवाई लेने को कहती है लें माहिरा शर्लिन को जाने को कहती है| लेकिन माहिरा कहती है की ये दवाइयां सिर्फ करण के लिए खाऊँगी| लेकिन जब वो कहेगा खाने को| इस पर शर्लिन कहती है की मैं करण को भेजती हूँ और वहां से चली जाती है| 

वहीँ करण और प्रीता कमरे में होते और तेज़ हवा की वजह से कांच का गिलास टूट जाता है तब करण का ध्यान हटता है और सोचता है की, ये मुझे क्या हो रहा है मैंने प्रीता को इतना बड़ा प्रॉमिस कैसे दे दिया| आगे सोचता है की प्रीता के साथ कुछ गलत होता है तो मुझे क्यों परेशानी होती है| तभी करण वहां से जाने लगता है इस पर प्रीता करण से कहती है की जो तुमने जो अभी बोला वो सिर्फ बोलने के लिए बोला या सच्ची परवाह करते हो| इस पर करण प्रीता को जबाब देने वाला होता है तभी वहां शर्लिन आ जाती है और कहती है की माहिरा ये कह रही की दवाई लेगी तो करण के हाथो से|

वहीँ करण, माहिरा के कमरे में पहुँच जाता है और कहता है की शर्लिन ये बोल रही है दवाई मेरे हाथो से खाओगी| और कहता है की डरने की बात नहीं हम सब साथ है तुम्हारे| इस पर माहिरा करण को गले लगा लेती है| और तभी प्रीता ये सब खिड़की में से देख लेती है| थोड़ी देर बाद करण माहिरा को दूर कर देता है तभी माहिरा करण से कहती है की मेरी माँ ने मुझसे सारे रिश्ते ख़त्म कर दिए क्योंकी मैं तुम्हारे खिलाफ नहीं गयी| आगे कहती है की मैं तुम्हारे खिलाफ कभी नहीं जाउंगी| तुम मेरी जिन्दगी हो| तभी शर्लिन के पास प्रथ्वी का फ़ोन आता है| शर्लिन वहां से बहाने बनाकर चली जाती है| तभी जाते समय प्रीता को बाहर खड़े देख अपने मन में सोचती है की बिचारी प्रीता चाहकर भी कुछ नहीं कर सकती| और शर्लिन वहां से चली जाती है| तभी करण माहिरा को वो सब बाते बोलता है जो प्रीता ने उससे बोली थी| ये देखकर प्रीता खुश हो जाती है और कहती है मैं फालतू में डर रही थी ये सिर्फ माहिरा को संभाल रहा है और फिर करण अपने हाथो से माहिरा को दवाई खिला देता है| 

जब करण जाने लगता है तब माहिरा करण का हाथ पकड़कर अपने पास बैठने को कहती है| इसे देखकर प्रीता नाराज हो जाती है और अपने आप से कहती है की दवा दे दी| फिर भी ये लोअद्की अब क्या चाहती है| फिर प्रीता कमरे में आ जाती है और करण को कहती है की, तुम्हारे कोच का फ़ोन आ रहा है|

वहीँ शर्लिन प्रथ्वी से बात करता है और पूछता है की, तुम्हारा पैर कैसा है? यह शर्लिन कहती है की तुमने पहली बार प्रीता से हाथ कर कुछ पूछा है ऐसे ही पूछते रहा करो| और मैं तुम पर कभी गुस्सा नहीं होंगी| शर्लिन प्रथ्वी को बताती है की बिचारी माहिरा कितनी परेशान है उसने अपनी जान लेने की कोशिश की| इस पर प्रथ्वी हँसता और कहता है की वो बिचारी नहीं है और कहता की तुमको समय लगेगा लोगों को पहचान ने में| आगे बोलता है की, उसकी माँ को इनचार्ज से कहते ये सुना था की वो डॉक्टर लूथरा परिवार से ना मिल पाए| वरना पूरी पोल खुल जाती|

प्रथ्वी आगे बोलता है की माहिरा ने अपनी कलाई ऊपर-ऊपर से काटी थी अपनी नस नहीं| आगे बोलता है की माहिरा ने अपना खून इसलिए बाह ताकि वो लोगों की सिम्पथी हासिल कर पाए| और लुहरा हाउस में घुश पाए| आगे बोलता है की अब इस माहिरा की वजह से प्रीता को घर से बाहर निकाला जायेगा| इस पर शर्लिन बोलती है की, तुम यही चाहते हो ताकि तुम हीरो वाली एंट्री माकर प्रीता को पा सको| इस पर प्रथ्वी के मुँह से हाँ निकाल जाता है| लेकिन अपनी बात घुमा देता है| 

वहीँ करण कमरे से चला जाता है उसके बाद प्रीता माहिरा को धमकी देती है और कहती है तुम यहाँ मेहमान की हैसियत से होतो अपनी खातिरदारी करवाओ और जाओ यहाँ से| तभी माहिरा उठती है और प्रीता का हाथ पकड़ लेती है जिस पर प्रीता माहिरा से कहती है अरे तुम्हरी इस कलाई में तो दर्द हो रहा होगा| इस हाथ की कलाई काटी थी ना| जिसे सुनकर माहिरा हैरान हो जाती है|

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