प्रवासी मजदूर वापस काम के लिए पंजाब की तरफ जा रहे है !

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प्रवासी मजदूर काम के लिए पंजाब राज्य की तरफ जा रहे हैं | जी बिल्कुल सही सुना आपने, यहां पर लॉक दाम के कुछ दिनों बाद ही लोग घर जाने के लिए बेताब हो रहे थे या होड़ मची हुई थी श्रमिक मजदूर घर जाने के बाद यह सोच रहे हैं कि अब जीवनी चलाने के लिए क्या काम करें | क्योंकि लॉक डाउन के चलते ज्यादातर काम सभी ठप पढ़े हुए हैं इसी वजह से लोग वापस दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए जा रहे हैं |

Migrant laborers are going back to Punjab for work!

कुछ दिन पहले ही पंजाब से दो बस बिहार गई थी | बिहार से अभी तक 90 लोग लाए जा चुके हैं | इन लोगों का कोरोना टेस्ट होगा | जिसके बाद ही इन सभी लोगों को काम पर जाने के इजाजत मिलेगी | पंजाब में इन दिनों धान की बुवाई होती है | बुवाई के लिए मजदूरों की कमी के कारण देरी हो रही थी |जिसके चलते पंजाब के लोगों ने दूसरे राज्यों से मजदूरों को बुलाने के लिए धरना प्रदर्शन भी किया | जिसके बाद उनको इजाजत दे दी गई |

पंजाब में मॉनसून बदल रहा है जिसके चलते इस सीजन में धान की बुआई होनी थी | इसीलिए बिहार से उन मजदूरों को वापस बुलाया गया जो वहां पर खेतों में पहले से काम करते थे | बिहार से आए मजदूरों को यह भी आश्वासन दिया कि उनको दुगना रोजगार दिया जाएगा | इन मजदूरों से बात की तो उन्होंने बताया कि सभी जगह lockdown हैजिसके कारण कोई भी रोजगार नहीं है | जिसकी वजह से उन मजदूरों को वापस अपने अपने काम पर लौटना पड़ा |

बिहार के मुख्यमंत्री का कहना था कि जो लोग बिहार से दूसरे राज्यों में कार्य करने के लिए गए थे | तो वह अभी वापस अपने राज्य बिहार में आए हैं, तो उनके लिए बिहार में रोजगार दिया जाएगा | करीब 1500000 मजदूर वापस बिहार में अपने घर आए थे |

भारत में lockdown धीरे-धीरे खुलने लगा है फैक्ट्रियां भी काम करने के लिए तैयार हो चुकी है लेकिन उन में काम करने वाले सभी मजदूर वापस अपने घर की तरफ जा चुके हैं, अब ऐसे हैं इन फैक्ट्रियों में कैसे प्रोडक्शन हो ? अब मजदूरों के साथ साथ फैक्ट्रियों के मालिक की चिंता में है, कि उनकी फैक्ट्रियों में अब करने के लिए कोई भी नहीं है |

नोएडा में सबसे ज्यादा गारमेंट का उत्पादन होता है | लेकिन अभी 30% ही कर्मचारी काम कर रहे हैं नोएडा में गारमेंट सेक्टर में करीब 1000000 कर्मचारियों की आवश्यकता है | नोएडा में गारमेंट्स फैक्ट्रियों के मालिकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से प्रार्थना की है कि वह 200000 कर्मचारियों का इंतजाम कर दे | यूपी में वापस आए श्रमिक मजदूरों की स्किल्स के चलते 68000 ही  दर्जी ही उपलब्ध हो पाए हैं | नोएडा में पहले जो फैक्ट्री गारमेंट्स का उत्पादन करती थी लेकिन करो ना काल में अभी वह मक्का उत्पादन कर रही हैं जिसके चलते उन्हें अधिक दर्जियों की आवश्यकता पड़ रही है | 

मतलब लोग पहले अपने घर जाने के लिए परेशान हो रहे थे, लड़ रहे थे, भूखे, प्यासे घर की तरफ जा रहे थे | अब वही लोग रोजगार की तलाश में फिर से दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए जा रहे हैं | मजदूरों का मानना है, कि घर पर उनके पास कोई भी रोजगार के अवसर नहीं है | जिस कारण उन्हें वापस अपनी जगह है, जहां भी कार्य करते थे वहीं जा रहे हैं | 

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