UP : 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई रोक 

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उत्तर प्रदेश में फिर से एक बार और सहायक शिक्षकों की भर्ती पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस पर stay लगा दी है |

बच्चों के मन में भारी उत्साह था की जिस शिक्षक नौकरी को पाने के लिए उन्होंने दिन रात मेहनत कर कामयाबी हासिल करली थी एग्जाम के 1.5 साल बाद उसकी काउंसलिंग 3 जून को होनी थी | इस lockdown के चलते जिलों में ट्रांसपोर्ट की सुविधा ना होने की वजह से लड़कियां जैसे तैसे जहाँ उनकी काउंसलिंग होनी थी उस कार्यलय तक पहुची | तो खबर मिलती है की काउंसलिंग को अनिश्चित काल के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा स्थगित कर दी गयी है |

ऐसा UP में ही नहीं बल्कि करीब करीब हरेक राज्य में बच्चों के साथ ऐसा होता है | क्योंकी कभी बच्चों के सामने कभी पेपर आउट होने की परेशानी आती है तो कभी रिजल्ट में फर्जीवाडा हो जाता है तो कही नौकरी पाने की क्राइटेरिया इस तरह का की कोर्ट को हस्तक्षेप करना पडे |

यह काउंसलिंग 1.5 साल बाद कोर्ट की सुनवाई के साथ 3 जून 2020 को होने वाली थी जिसमे सबसे पहले लड़कियों की काउंसलिंग प्रक्रिया थी | यह लड़कियां काउंसलिंग के लिए दूसरे जिलों में परेशानी का सामना कर पहुंची | तब वहां जाकर पता चलता है की इलाहबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच नें इस सहायक भर्ती पर stay लगा दी है |

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क्या है पूरा मामला? 

ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश का है जिसमे 69000 प्राइमरी स्कूल में सहायक शिक्षकों की भर्ती साल 2018 के दिसंबर के माह में CM आदित्य नाथ योगी की सरकार में शिक्षक पद निकाले | इन पद के लिए परीक्षा 6 जनवरी 2019 को हुई | जिसमे 4 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी | जिसके कुछ दिन बाद ही सरकार द्वारा कट ऑफ़ जारी कर दी गयी |

इस कट ऑफ़ में जनरल वर्ग के बच्चों को 150 अंक में से 97, आरक्षित वर्ग के बच्चों को 150 अंक में से 90 अंक लाने थे | इस शिक्षक भर्ती से पहले 68500 शिक्षक भर्ती हुई थी जिसमे जनरल वालो को 50 % और रिजर्व के लिए 45 % हुए थे |

इसी के विरोध में शिक्षामित्र वाले अभ्यर्थियों ने कहा की पहले वाली 68500 वाली भर्ती अलग कट ऑफ पर और ये वाली भर्ती अलग कट ऑफ पर | जिसका कारण सरकार ने उनको बताया की प्रश्नों का टाइप ऑब्जेक्टिव है |  यही दो गुट सामने आये एक शिक्षा मित्रों वाला दूसरा बी.एड, बी.टी.सी वालो का | जिसमें से शिक्षामित्रों वाले गुट कट ऑफ का विरोध कर हाई कोर्ट में चले गए | 

11 जनवरी 2019 को यह मामला इलाहबाद हाईकोर्ट सिंगल बेंच पास गया तो हाई कोर्ट ने कट ऑफ को 50 % और 45 % करने को कहा , मतलब सरकार हाई कोर्ट में हार गयी | जिसमें सरकार और बी.एड बी टी सी वालो ने सिंगल बेंच के खिलाफ अपील की | 

6 मई 2020 को फैसला आया जिसमें वे सरकार द्वारा तय किये गए 60 और 65 % कट ऑफ के आधार पर 3 महीने में भर्ती कराने को कहा | 6 जनवरी 2019 को की परीक्षा का रिजल्ट 12 मई 2020 को घोषित किया तो नयी चुनौतियाँ सामने आई | जो रिजल्ट घोषित हुआ उसमें 1 लाख 46, 60 अभ्यर्थी पास हुए | फिर एक परेशानी फिर सामने आई की जो परीक्षा में प्रश्न पूछे गए थे | परीक्षा न्यामक प्राधिकरण ने माना की ऐसे 3 सवाल थे जो कोर्स के बाहर से थे | तो इस पर यह फैसला लिया की सबको इन प्रश्नों के नंबर दे दिए जायंगे | 

3 जून से 6 जून तक यह काउंसलिंग होनी थी की इस पर stay लगा दिया गया | भर्ती पर stay ताज़ी याचिका दाखिल की है जिसमे दावा किया है की परीक्षा में दिए गए गलत जबाबों को भी परीक्षा न्यामक अधिकारिक रूप से सही मान रहा है | जिसमें इस याचिका पर अगली सुनवाई 12 जुलाई को होनी है | 

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